- देहरा के लाहड़ू में 500 फीट गहरी खाई में गिरी कार, मरीन कमांडो अमित सिंह राणा की मौत
- शौर्य चक्र विजेता अमित राणा ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में दिखाई थी अदम्य वीरता
- हादसे के बाद सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने क्रैश बैरियर लगाने की मांग की
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (MARCOS) और शौर्य चक्र विजेता अमित सिंह राणा का सड़क हादसे में निधन हो गया। 32 वर्षीय अमित राणा की कार ज्वालामुखी क्षेत्र के खुंडियां के लाहड़ू में देर रात करीब 500 फीट गहरी खाई में गिर गई।
जानकारी के अनुसार अमित सिंह राणा अपने एक मित्र से मुलाकात कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान लाहड़ू के एक खतरनाक मोड़ पर उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला।
गंभीर रूप से घायल अमित राणा को तुरंत खुंडियां अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना की पुष्टि पुलिस जिला देहरा के एसपी मयंक चौधरी ने की है।
अमित सिंह राणा अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी, दो बहनें और चार साल का एक बेटा है। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बुधवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न सहित कई गणमान्य लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
वीरता की मिसाल थे अमित राणा
अमित सिंह राणा ने भारतीय नौसेना के विशेष बल MARCOS में रहते हुए कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में हिस्सा लिया था। वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय दिया।
घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में चलाए गए अभियानों में उन्होंने अपनी टीम के साथ कई आतंकियों के खिलाफ सफल कार्रवाई की। उनकी बहादुरी, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।
हादसे के बाद सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां न तो कोई क्रैश बैरियर था और न ही सुरक्षा के लिए पर्याप्त पैरापिट बनाए गए थे।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह मोड़ पहले से ही दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है और बरसात के मौसम में यहां खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर जल्द सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



